कातर करुण पुकार
त्रेता
युग मे राम ने, दिया दशानन मार ।
द्वापर
मे फिर आपने, लिया कृष्ण अवतार ।
लिया
कृष्ण अवतार, गीता हमको बतलाई ।
रचा महा
एक युद्ध, भाई से लड़ गया भाई ।
आज पुनः
इस धरा पर, अवतारो जगदीश ।
त्राण
दिलाओ दुर्बुद्धि से, धरो क्रांति
का बीज ।
धरो
क्रांति का बीज, विचार परिवर्तन लाओ
।
दुर्बुद्धि
है दैत्य, मार तुम इसे गिराओ ।
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