माँ भारती की पुकार
जाग उठो कमर
कसो सब भगिनी और भ्राता।
हम सबको पुकार
रही है अपनी भारत माता।
अभी समय है
कूच करो मस्तक करके ऊंचा ।
अखिल विश्व
मैं कोई नहीं है आर्यव्रत सा दूजा ।
कातर
करुण कृंदन का स्वर पहचानो ऐ वीर ।
भारत माँ का
स्वाभिमान मत होने दो तुम जीर्ण ।
करबद्ध हो
प्रतिज्ञा लो अपनी माँ की खातिर ।
पाहुचाओ इसे शीर्ष पर पुनः करो प्रस्थापित ।
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